What is option trading in Hindi What is Derivative trading in Hindi

What is Option Trading in Hindi What is Derivative Trading in Hindi

आज समझते है व्हाट इस ऑप्शन ट्रेडिंग इन हिंदी (what is option trading in Hindi)| What is derivative market/trading in hindi is also a question? ऑप्शन ट्रेडिंग में कम पैसे इन्वेस्ट करके अधिक वैल्यू का ट्रेड किया जा सकता है | स्टॉक मार्किट में बहुत से टर्म होते है | उन्ही में एक है ऑप्शन ट्रेडिंग | ऑप्शन ट्रेडिंग भी डेरीवेटिव ट्रेडिंग का एक प्रकार है |

जैसा की नाम से ही मालूम होता है| इस ट्रेडिंग में कुछ ऑप्शंस उपलब्ध है | सबसे बड़ा ऑप्शन तो यही है| कि थोड़ी सी मार्जिन मनी देकर अधिक वैल्यू के स्टॉक्स में ट्रेड|

ऑप्शन ट्रेडिंग में खरीददारी और बिकवाली दोनों तरह का ट्रेड होता है | इसमें खरीददारी को “कॉल” के नाम से जाना जाता है | उसी प्रकार बिकवाली को “पुट” के नाम से | आगे जानते है कि इसमें ट्रेड कैसे होता है |

FAQ Option Trading in Hindi

F&O का पूरा नाम फ्यूचर और ऑप्शन है। यह एक ऐसी ट्रेडिंग है जो लीवरेज पर ब्रोकर से पैसे लेकर की जाती है। यहाँ पर कम पैसे सिर्फ मार्जिन मनी देकर एक निश्चित समय के लिए ट्रेड किया जाता है। यहाँ पर कॉल का मतलब खरीदना पुट का मतलब बेचने से है।
ऑप्शन और फ्यूचर ट्रेडिंग के लिए अकाउंट होना चाहिए। ब्रोकर के साथ अग्रीमेंट भी देना होता है। उसके बाद नार्मल ट्रेडिंग की तरह ही ट्रेड होता है। स्टॉक्स की संख्या लोट के अनुसार लेनी होती है।
जिस ट्रेडिंग में स्टॉक्स को बिना डीमैट आकउंट में आये ही ट्रेड हो जाये | उसे डेरीवेटिव ट्रेडिंग (derivative trading in hindi) कहा जाता है | यह ट्रेडिंग इसलिए भी प्रचलित है कि यहाँ पूरे माल का पैसा नहीं देना होता| वैसे यह हेजिंग के उद्देश्य से बनाया गया था।
वित्तीय व्युत्पन्न का मतलब है की यह किसी अन्य में अन्तर्निहित है। दूसरे शब्दों में, इसका प्राइस इसके स्टॉक या इंडेक्स और टाइम के अनुसार निर्धारित होता है। यह किसी खास मकसद के लिए बनाये जाते है।
यह एक ऐसी ट्रेडिंग है जो लीवरेज पर ब्रोकर से पैसे लेकर की जाती है। यहाँ पर कम पैसे सिर्फ मार्जिन मनी देकर एक निश्चित समय के लिए ट्रेड किया जाता है। यहाँ पर कॉल का मतलब खरीदना पुट का मतलब बेचने से है।

 

What is option trading in Hindi ?

आज बहुत लोगों के लिए यह एक प्रश्न है की what is option trading in Hindi| और इससे जुड़े कई सवाल और भी है जानने के लिए| ऑप्शन ट्रेडिंग में ट्रेड इस प्रकार किया जाता है |

स्टॉकब्रोकर द्वारा दिए गए ऑनलाइन प्लेटफार्म से ऑप्शन ट्रेडिंग आसानी से की जा सकती है | यह ट्रेडिंग लगभग एक महीने के लिए होती है | हालाँकि, आजकल सात दिन वाली ट्रेडिंग भी चलन में है |

आम तौर पर, ऑप्शन ट्रेडिंग थोड़ा मार्जिन मनी का भुगतान करके स्टॉक खरीदने या बेचने की अनुमति देता है। इसके अलावा, इस ट्रेड के लिए एक समय सीमा है। ऑप्शन ट्रेडिंग इसकी समाप्ति तिथि पर समाप्त होती है और आप इसे आगे नहीं ले जा सकते।

ऑप्शन ट्रेडिंग में पूर्वनिर्धारित समय के लिए किसी स्टॉक के लोट खरीदे और बेचे जाते है | स्टॉक के प्राइस ऊपर जाते है तो खरीदने वाले को लाभ होता है | यदि स्टॉक के प्राइस नीचे आते है तो बेचने वाले को लाभ होता है |

साधारणतय, इस ट्रेडिंग में स्टॉक्स के पूरे पैसे देने की जरुरत नहीं होती | सिर्फ कुछ मार्जिन मनी देकर बहुत अधिक कॉस्ट के स्टॉक्स लिए जा सकते है |

Credit of this video goes to Mr Pranjal Karma.

आजकल, बहुत से लोग ऑप्शन ट्रेडिंग में काम करते हैं। क्योंकि उन्हें बड़ी मात्रा में ऑप्शन शेयर खरीदने के लिए थोड़ी सी रकम चुकानी पड़ती है। जिससे वो संपूर्ण स्टॉक के प्रॉफिट के मालिक बन जाते हैं।

हालाँकि, यहाँ पर एक बात समझनी चाहिए की हमें ऑप्शन ट्रेडिंग में इतनी सुविधा क्यों मिल रही है | थोड़े से पैसे देकर हम बड़े स्टॉक्स के पूरे लाभ के मालिक कैसे बन जाते हैं?

जबकि, हमारा नुकसान सीमित है जो पहले ही निर्धारित किया जा चुका है। यानी, अगर कोई नुकसान होता भी है, तो भी यह इस निश्चित मार्जिन मनी से अधिक नहीं होगा। लेकिन अगर कोई प्रॉफिट है, तो पूरा प्रॉफिट हमारा है।

ऑप्शन ट्रेडिंग हिंदी में 

देखने में, यह ट्रेड बहुत लाभदायक लगता है। दूसरे शब्दों में, यदि हम किसी स्टॉक या इंडेक्स में ग्रोथ देखते हैं। तो थोड़ा पैसा देकर, बड़ी मात्रा में स्टॉक लिया जा सकता है। जब कीमत बढ़ जाती है, तो ऑप्शन बेचकर लाभ कमाया जा सकता है।

स्टॉकब्रोकर द्वारा प्रदान किए गए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर हर कोई ऑप्शन ट्रेडिंग में ट्रेड कर सकता है। इसके अलावा, ऑप्शन ट्रेडिंग या डेरिवेटिव ट्रेडिंग एक उन्नत ट्रेडिंग है। हालाँकि, बिगिनर्स को इस ट्रेडिंग की सलाह नहीं दी जाती है |

इसके अलावा, आप इस ट्रेडिंग में एक स्टॉक नहीं खरीद या बेच सकते हैं। बहुत सारे शेयरों की एक निश्चित मात्रा होती है जिसे लोट साइज कहते है|

दूसरी ओर, यदि आप कुछ लॉट बेचते हैं तो आपको पूरे लॉट पर प्रीमियम का भुगतान करना होगा। अब आपका नुकसान पूरे लॉट पर असीमित है। और आपका लाभ सीमित है क्योंकि आपको खरीदार से मिला प्रीमियम होता है |

आमतौर पर, ज्यादातर ट्रेडर्स ऑप्शन ट्रेडिंग में खरीदार के रूप में काम करते हैं। पूरे लॉट पर असीमित लाभ के साथ कम जोखिम के कारण। हालांकि, विक्रेता को पूरे लॉट पर असीमित नुकसान के साथ एक उच्च जोखिम है।

मुझे उम्मीद है कि आपको यह मालूम हो गया होगा कि what is option trading in Hindi

प्रारंभ में, यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि अधिकांश ट्रेडिंग कंपनी आपको ट्रेडिंग करने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके अलावा, कई तरह के एजेंट भी इसे बढ़ावा दे रहे हैं। सटीक ज्ञान केवल उस व्यक्ति द्वारा प्रदान किया जा सकता है जिसे आपसे कोई लालच नहीं है।

ऑप्शन ट्रेडिंग इन हिंदी

ऊपर बताये गए अनुसार जब कोई ट्रेडर ऑप्शन कॉल लेता है | तो उसके अकाउंट से एक निर्धारित मार्जिन मनी डेडक्ट हो जाती है |

यहाँ पर खरीददार समझता है कि अगर लॉस भी हुआ| तो इस मार्जिन मनी से अधिक नहीं होगा और प्रॉफिट तो 100 % अपना ही है |

अब यह भी समझना आवश्यक है कि जो आपको ऑप्शन कॉल बेच रहा है | वो आपसे कई गुना अधिक रिस्क क्यों ले रहा है| जबकि उसका प्रॉफिट सिर्फ आपकी मार्जिन मनी ही है | अगर उसको लॉस होता है तो वह असीमित है |

हालाँकि, आप उस सेलर को जानते पहचानते भी नहीं हो की वह कितना इंटेलीजेंट है | मोटे तौर यह समझ लेना बेहतर है कि अधिक रिस्क लेने वाला अधिक समझदार भी है |

स्टॉक मार्किट में बड़ा पैसा छोटे पैसे को अपनी तरफ खींचता है | यह एक बिज़नेस है | छोटे स्टॉक्स में ऑप्शन ट्रेडिंग अधिकांश लॉस देती है | हालाँकि, ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए बड़े स्टॉक या इंडेक्स को ही चुनना चाहिए |

इसलिए, किसी भी प्रकार ट्रेडिंग में सभी का मकसद सिर्फ पैसा कामना ही होता है | जैसा ऊपर बताया गया है कि अधिकांशतय इसमें प्रॉफिट सेलर को होता है | इसलिए, अब हम सेलर ही क्यों ना बन जाये

सोच तो सही है परन्तु इसके लिए बहुत ज्यादा एक्सपर्ट होना पड़ेगा | सेलर की एनालिसिस बायर से कई गुना अधिक होनी चाहिए | क्योंकि सेलर रिस्क भी कई गुना अधिक ले रहा है |

आजकल ट्रेडिंग कम्पनिया भी कई तरह की वेबसाइट चला रही है | जहाँ पर बहुत ही लुभावने आर्टिकल उपलब्ध है | लेकिन इस तरह की जमीनी हकीकत उपलब्ध नहीं है | इसका क्या कारण है यह आप खुद समझ सकते है (what is option trading in Hindi) |

डेरीवेटिव ट्रेडिंग इन हिंदी (what is derivative trading in Hindi)

  • जिस ट्रेडिंग में स्टॉक्स को बिना डीमैट आकउंट में आये ही ट्रेड हो जाये | उसे डेरीवेटिव ट्रेडिंग (derivative trading in hindi) कहा जाता है | यह ट्रेडिंग इसलिए भी प्रचलित है कि यहाँ पूरे माल का पैसा नहीं देना होता| वैसे यह हेजिंग के उद्देश्य से बनाया गया था।
  • हालाँकि, स्टॉक एसेट के अनुसार एक मार्जिन मनी निर्धारित होती है | तथापि, डेरीवेटिव ट्रेडिंग में स्टॉक्स प्राइस के ऊपर-नीचे पर प्रॉफिट निर्भर है | जोकि एक निर्धारित समयसीमा में होना चाहिए |
  • दूसरे शब्दों में, कम पैसे में अधिक माल और अधिक प्रॉफिट | सिर्फ यही दो बातें इसको (derivative trading in hindi) लोकप्रिय बनती है |
  • जैसा की बताया गया है की कम पैसे में ज्यादा मुनाफा | इसमें एक्सपर्ट ट्रेडर ही कुछ पैसा बना सकते है | दूसरे, इस ट्रेडिंग को करने के लिए मार्किट में बहुत कुछ सीखना पड़ेगा |
  • हालाँकि, यह भी सच है की डेरीवेटिव ट्रेडिंग में बहुत कम समय में अच्छा पैसा कमाया जा सकता है | दूसरे, अगर रणनीति गलत हो गए तो भारी नुक्सान भी देखने को मिलता है |
  • अभी शायद यह साफ है कि what is derivative trading in Hindi and what is option trading in Hindi| अभी बात आती है की यह कितने तरह की होती है |
  • हालाँकि,स्टॉक मार्किट की एक सच बात यह भी है|  यहाँ असली गुरु ये मार्किट ही है|  थ्योरी सिर्फ बेसिक नॉलेज है|  और बेसिक नॉलेज भी जरुरी होती है|

डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी (Derivative Market in Hindi)

  • जैसा कि ऊपर बताया गया है कि डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी (derivative market in hindi) एक प्रकार की डेरीवेटिव ट्रेडिंग है। यहाँ पर कम पैसा लगाकर अधिक कीमत का ट्रेड किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में समझे तो यह ट्रेडर को ग्रीड यानि लालच देने वाली ट्रेडिंग है।
  • अधिकतर ब्रोकर डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी का आधा सच ही बताते है। हालाँकि ब्रोकर्स का इसमें अपना इंटरेस्ट है। वैसे डेरिवेटिव ट्रेडिंग इन हिंदी (derivative market in hindi) विषय पर बहुत आर्टिकल्स और बुक्स उपलब्ध है। लेकिन व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध नहीं है।
  • व्यावहारिक ज्ञान से तात्पर्य है की डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी (derivative market in hindi) के पीछे की सच्चाई। आप सोचिये की इस तरह की ट्रेडिंग की आवश्यकता क्यों पड़ी। कम पैसे में अधिक ट्रेड करने की सुविधा क्यों दी जा रही है।
  • डेरीवेटिव ट्रेडिंग सिर्फ एक्सपर्ट ट्रेडर ही कर सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि यहाँ पर वोलैटिलिटी बहुत है। कम समय में शीघ्रता से फैसला लेना होता है।
  • अधिकतर आम और छोटे ट्रेडर इसमें ट्रैप हो जाते है। यहाँ पर मेरा यह मतलब नहीं है कि आप इसमें काम नहीं कर सकते। आप काम कर सकते हो लेकिन एक्सपर्ट होने के बाद।
  • डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी (derivative market in hindi) बहुत ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड है। स्टॉक मार्किट में कॉम्प्लिकेटेड तरीके से पैसा कामना बहुत मुश्किल है। यहाँ पर सिप्लिसिटी से पैसा कामना आसान है। क्योकि हमारा मुख्य उद्देश्य मार्किट से पैसा कामना ही है तो वहां पर फोकस करना चाहिए जहाँ पैसा बनाया जा सकता है।

डेरीवेटिव ट्रेडिंग इन हिंदी में काम करने का तरीका

अभी आप लोग सोच रहे होंगे कि डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी (derivative market in hindi) समझकर आप इसमें पैसा बना सकते है। आपका सोचना बिलकुल सही है लेकिन इसमें एक्सपर्ट होना उतना ही मुश्किल।

हालाँकि, डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी (derivative market in hindi) से पैसा बनाने के कुछ आसान तरीके भी है। जोकि नीचे दिए गए है। आप इन्हे अपनाकर कुछ फ़ायदा तो कर ही सकते हो।

  • कभी भी कॉल और पुट कि टिप्स पर काम ना करें।
  • यह बात हमेशा ध्यान में रखें कि लॉस पूरी कॉस्ट पर देना है नाकि सिर्फ मार्जिन मनी पर।
  • डेरीवेटिव को सिर्फ हेजिंग की तरह ट्रेड करने से फ़ायदा हो सकता है। लेकिन इसके लिए भी एक्सपर्ट होने के आवश्यकता है। वैसे डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी का सही उद्देश्य हेजिंग ही है। परन्तु आजकर ट्रेडर कम पैसे में अधिक प्रॉफिट के लालच में फंस जाते है।
  • मार्जिन मनी वाले लालच से हटकर, अगर आपके अकाउंट में अगर पूरे लोट से बराबर पैसा है। तो आपको लॉस होने की सम्भावना भी कम हो जाती है। डेरीवेटिव में ट्रेड बड़े स्टॉक्स या इन्डेक्सेस में ही अक्सर फायदेमंद होता है।
  • सबसे जरुरी और आखिरी बात यह कि यदि आपको इस मार्किट में 5 साल से ज्यादा हो गया है। और आप एक एक्सपर्ट ट्रेडर है तभी डेरीवेटिव मार्किट इन हिंदी (derivative market in hindi) के बारे में सोचें। अन्यथा आप ज्यादातर ट्रेड में नुकसान ही देखेंगे।

डेरीवेटिव ट्रेडिंग के प्रकार (what is derivative trading in Hindi)

मुख्यतया डेरीवेटिव ट्रेडिंग तीन तरह की होती है | प्रथम कमोडिटी डेरीवेटिव द्वितीय कर्रंसी डेरीवेटिव आउट तृतीया इक्विविटी डेरीवेटिव |

जैसा की नाम से ही साफ है कि कमोडिटी डेरीवेटिव में सभी स्टॉक्स कमोडिटी के होते है | दूसरे, कर्रंसी डेरीवेटिव में कर्रंसी में ट्रेड किया जाता है | और तीसरा है इक्विटी तो इसमें इक्विटी के स्टॉक्स में ट्रेड होता है |

स्टॉक्स चाहे किसी भी सेक्टर के हों | ट्रेडिंग का कॉन्ट्रैक्ट एक जैसा ही होता है | यहाँ पर कुछ डेरीवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है | इन्हे अक्सर डेरीवेटिव के प्रकार भी माना जाता है | साधारणतय ये कॉन्ट्रैक्ट चार प्रकार के होते है (what is derivative trading in Hindi) | जो की नीचे दिए गए है :-

फ्यूचर ट्रेडिंग

इस ट्रेडिंग में ट्रेड आने वाले निर्धारित समय के लिए किया जाता है | यही कारण है की इसको फ्यूचर ट्रेडिंग कहते है | चूँकि यह एक कॉन्ट्रैक्ट ट्रेडिंग है तो कॉन्ट्रैक्ट बायर और सेलर के बीच में होता है |

इस कॉन्ट्रैक्ट में स्टॉक एक्सचेंज भी इन्वॉल्व रहती है | यह कॉन्ट्रैक्ट निर्धारित समय सीमा पूरा होने पर आगे भी बढ़ाया जा सकता है | जिसे रोल ओवर के नाम से जाना जाता है |

ऑप्शन ट्रेडिंग

यह भी एक तरह की डेरीवेटिव ट्रेडिंग है | इसमें कई तरह के ऑप्शन रहते है | यह कॉन्ट्रैक्ट भी बायर और सेलर के बीच ही होता है | तथा इसमें भी स्टॉक एक्सचेंज इन्वॉल्व रहती है |

ऑप्शन ट्रेडिंग को रोल ओवर नहीं किया जा सकता | एक्सपायरी के दिन ट्रेडिंग समाप्त होनी ही है | हालाँकि, एक्सपायरी से पहले बायर कभी भी बेच सकता है |

ऐसे ही दो तरह के कॉन्ट्रैक्ट और होते है | पहला फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट और दूसरा स्वैप कॉन्ट्रैक्ट | हालाँकि, फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट एक ओवर the काउंटर कॉन्ट्रैक्ट है | बायर और सेलर के आलावा कोई तीसरा पक्ष नहीं होता है |

दूसरा, स्वैप कॉन्ट्रैक्ट कुछ खास ट्रेडर्स के लिए ही होता है | क्योंकि इसमें पैसे के फ्लो का काम होता है |

व्हाट इस ऑप्शन ट्रेडिंग इन हिंदी (what is option trading in Hindi)| और व्हाट इस डेरीवेटिव ट्रेडिंग इन हिंदी (what is derivative trading in Hindi) सायद आपको समझ आ गया होगा |

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