Stock Exchanges in India

What is Stock Exchange Stock Exchanges in India Stock Future Short

What is Stock Exchange? The Stock Exchanges in India. Further, it is also important to know. Because the name of this website is the stock market guide.

स्टॉक एक्सचेंज क्या है तथा स्टॉक एक्सचेंज इन इंडिया | यह जानना भी जरुरी है | क्योकि इस वेबसाइट का नाम ही स्टॉक मार्किट गाइड है | यहाँ पर बेसिक्स ऑफ़ स्टॉक मार्किट से लेकर एडवांस ऑफ़ स्टॉक मार्किट तक सभी टॉपिक्स रहेंगे | सभी टॉपिक्स एक के बाद एक बढ़ते हुए क्रम में होंगे|

यहाँ पर मैं यह बताना आवशयक समझता हूँ की यह वेबसाइट एक कोर्स की तरह ही है | यहाँ दी गई फ्री जानकारी भी पैड कोर्सेज से कही अधिक सटीक है |

इससे पहले हमने बेसिक्स ऑफ़ स्टॉक मार्किट जाना | उसके बाद हाउ टू ओपन डीमैट अकाउंट के बारे में जाना | आज स्टॉक एक्सचेंज क्या है और स्टॉक एक्सचेंज इन इंडिया के विषय पर बात करेंगे |

What is Stock Exchange स्टॉक एक्सचेंज क्या है

स्टॉक एक्सचेंज एक प्रकार से स्टॉक मार्किट का ही दूसरा नाम है | सभी कम्पनियो के स्टॉक्स इन स्टॉक एक्सचेंज में ही लिस्टेड होते है | स्टॉक मार्किट में काम करने के लिए हम डीमैट अकाउंट खुलवाते है | यह डीमैट अकाउंट जिस भी ब्रॉकर के पास खुलवाया गया हो | परन्तु स्टॉक्स यानि शेयर्स का खरीदना और बेचना स्टॉक एक्सचेंज के ही होता है |

डीमैट वाले ब्रॉकर का एक अकाउंट स्टॉक एक्सचेंज में होता है | हमारे द्वारा प्लेस किया कोई भी आर्डर ब्रॉकर स्टॉक एक्सचेंज में फॉरवर्ड कर देता है | दूसरे शब्दों में समझा जाये तो ब्रॉकर हमें और स्टॉक एक्सचेंज को जोड़ने वाली एक कड़ी है | जिसके लिए वह हमसे चार्ज लेता है जो की ब्रोकरेज के रूप में होता है |

हम स्टॉक एक्सचेंज से डायरेक्ट ना जुड़कर ब्रॉकर के डीमैट अकाउंट के थ्रू जुड़ते है | यह एक सिस्टम है जो की पुरे कार्य को आसानी और सही तरीके से चलने के किये बना है | ब्रॉकर हमारे डीमैट अकाउंट में किसी प्रकार का भी फ्रॉड नहीं कर सकता| क्यूंकि सारा काम तो स्टॉक एक्सचेंज में ही होता है | दूसरा ब्रॉकर भी रूल्स और रेगुलेशन से बंधा होता है |

Stock Exchanges in India   स्टॉक एक्सचैंजेस इन इंडिया

हमारे देश इंडिया में तीन स्टॉक एक्सचैंजेस है | पहली नेशनल स्टॉक एक्सचेंज जिसे एन एस सी के नाम से जानते है | दूसरी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज जिसे बी एस सी के नाम से | तीसरी Business Connexion Group यानि बी सी एक्स | तीसरे वाली नयी स्टॉक एक्सचेंज है |

Stock Exchanges in India
Stock Exchanges in India

अधिकतर काम एन एस सी और बी एस सी में ही होता है | स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य कार्य कम्पनियो के स्टॉक्स की लिस्ट करना है | यानि जो भी कम्पनी स्टॉक मार्किट में अपना स्टॉक लाना चाहती है | उसके लिए परमिशन स्टॉक एक्सचेंज ही देती है |

जो भी कंपनी शेयर मार्केट में आना चाहती है | उसको स्टॉक एक्सचेंज पर यह लिस्ट करते हैं | यानी कि उस बाजार में काम करने की इजाजत देते है | कि आप हमारे प्लेटफार्म पर आकर अपना शेयर लिस्ट कर सकते हैं | इसके अलावा यह लोग देखते हैं कि कंपनियां अपनी तिमाही रिपोर्ट स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल करे|

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया

इसके ऊपर एक और संस्था होती है | जो सबको देख रेख करने वाला है| जिसका नाम सेबी है यानि सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया | कोई भी कंपनी अगर मार्केट में अपना शेयर लेकर आना चाहती है| उसको सबसे पहले सेबी से अप्रूवल लेना पड़ता है| उसको अपनी सारी डिटेल भेजनी पड़ती है| कि वह क्या काम करती है कौन सी कंपनी है| जो भी क्रेटेरिआ होता है वो पूरा करना पड़ता है |

सेबी की परमिशन मिल जाती है | उसके बाद कंपनी अपना आईपीओ लेके आती है | जोकि स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हो जाता है | वह कंपनी उसी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो जाती हैं जिसके अंदर हम काम करते हैं | यहाँ पर मैं उम्मीद करता हूँ की स्टॉक एक्सचैंजेस इन इंडिया के विषय में आप समझ गए होंगे |

Stock and Stock Future स्टॉक और स्टॉक फ्यूचर

हम बात करेंगे स्टॉक और स्टॉक फ्यूचर की| यानी स्टॉक तथा स्टॉक फ्यूचर में फर्क क्या है| कंपनी का शेयर जिसके बारे में हमने पहले भी बात की है | जो कंपनी आपको देती है| कि यह मेरी कंपनी का एक छोटा सा हिस्सा है| आप इसको जब ले लेंगे तो आप मेरी कंपनी के उतने हिस्से के हकदार हो जायेंगे |

पहले स्टॉक की बात कर लेते है | स्टॉक किसी कंपनी का एक छोटा हिस्सा होता है | जिसका कुछ प्राइस होता है | अगर आप उसको किसी भी तादात में खरीदना चाहते हो| तो सीधा ट्रेडिंग अकाउंट से खरीद सकते हो | आपके डीमैट अकाउंट से उतने पैसे कट जायेंगे |

यहाँ पर एक टर्म और आती है जिसे डिलेवरी कहते है | यदि हम किसी स्टॉक को खरीद कर उसी दिन नहीं बेचते है| तो उस स्टॉक की हमें डिलवेरी उठानी पड़ती है | इसमें हमें करना कुछ नहीं है वह स्टॉक हमारे डीमैट अकाउंट में आकर रिफ्लेक्ट होने लगता है | यानि हमारी होल्डिंग में आ जाता है |

अभी बात करते है स्टॉक फ्यूचर क्या होता है| बहुत सारे लोग इसके बबरे में जानना कहते है | किताबों में जो लिखा होता है वह इतने टिपिकल भाषा में होता है| आज हम यहां समझेंगे स्टॉक फ्यूचर क्या होता है| और यह किस तरह से काम करते हैं|

तो यह एक तरह का वायदा कारोबार है| वायदा कारोबार के बारे में जितने लोग जानते हैं| उन्हें थोड़ा बहुत आइडिया होगा जो नहीं जानते हैं उनकी जानकारी के लिए हम बताते हैं| स्टॉक फ्यूचर उसी स्टॉक का होता है जो स्टॉक लिस्टेड है | उसी पर ही पेश होता है लेकिन उसका वायदा कारोबार है|

वायदा कारोबार

वायदा कारोबार को आसानी से समझने के लिए आपको एक उदहारण देता हूं| जैसे की हम कोई प्रॉपर्टी खरीदना चाहते है | हम मालिक से कहते है की मुझे आपकी प्रॉपर्टी बहुत पसंद है| मैं यह प्रॉपर्टी लेना चाहता हूं| यहाँ पर हम सौदा कर लेते है की इतने पैसे में प्रॉपर्टी मेरी हो गई |

पूरा पैसा न देकर कुछ पैसे देते है और वायदा कर लेते है की इतने दिनों के बाद पैसे देकर ये प्रॉपर्टी अपने नाम करवा लेंगे| बस ऐसे ही स्टॉक फ्यूचर में होता है| जैसा की आप सभी जानते हो की स्टॉक के प्राइस हमेशा उप एंड डाउन होते रहते है | इसी उप एंड डाउन पर प्रॉफिट और लॉस डिपेंड करता है |

आज आपने जिस रेट पर स्टॉक फ्यूचर ख़रीदा | अगर रेट उप साइड गया आपको प्रॉफिट होगा | दूसरी तरफ अगर रेट डाउन गया तो लॉस होगा | यह पर एक बात और है की आप स्टॉक फ्यूचर में एक सा दो स्टॉक नहीं ले सकते | यहाँ पर लॉट के हिसाब से स्टॉक लेने पड़ते है | एक लॉट में 500 या 1000 स्टॉक होते है | जो की समय समय पर निर्धारित किये जाते है |

Short Selling शार्ट सेलिंग

स्टॉक फ्यूचर की तरह ही शार्ट सेलिंग भी होती है | इसके बारे में भी समझते है | जिस तरह पूरे पैसे ना देकर स्टॉक फ्यूचर खरीदा जा सकता है | उसी प्रकार कुछ पैसे देकर किसी स्टॉक की शार्ट सेलिंग भी की जा सकती है | जिस रेट पर आपने शार्ट सेलिंग की है अगर रेट डाउन जाता है | तो आपको प्रॉफिट होगा अगर उप गया तो लॉस होगा |

स्टॉक फ्यूचर और शार्ट सेलिंग की एक एक्सपायरी डेट होती है | यह वायदा सिर्फ एक महीने के लिए ही होता है | एक्सपायरी के दिन ऑटोमेटिक ही फ्यूचर और शार्ट सेलिंग समाप्त हो जाती है | जो भी रेट होता है उसके हिसाब से पैसे एडजस्ट हो जाते है | जो कुछ पैसे देने की बात ऊपर कही गई है | वह एक मार्जिन मनी होती है जो बाद में एडजस्ट हो जाती है | शार्ट सेलिंग भी लॉट के हिसाब से ही होती है |

यहाँ पर एक बात सबसे महत्वपूर्ण है| शुरुआती दिनों में किसी भी बिगिनर को स्टॉक फ्यूचर और शार्ट सेलिंग में काम नहीं करना चाहिए | क्योकि यहाँ पर बहुत उतार चढ़ाव रहता है | बिना एक्सपीरियंस के लॉस होने के चांस ज्यादा है | पहले सिर्फ कम संख्या में कॅश के स्टॉक खरीदने चाहिए | अच्छा रेट मिलने पर बेच देना चाहिए |

वैसे अभी स्टॉक खरीदने की कोई बात ही नहीं है| पहले तो स्टॉक मार्किट को समझना ही बहुत जरुरी है |

धन्यवाद

What is Stock Exchange

What is Stock Exchange and Stock Exchanges in India? Further, it is also important to know. Because the name of this website is the stock market guide. Moreover, all topics from the basics of stock market to the advance of stock market will remain here. Therefore, all the topics will be in increasing order one after the other.

Here, I feel it necessary to say that this website is like a course. The free information available here is also more accurate than paid courses.

Earlier we learned the basics of stock market. Then go to How to open a Demat account. Now we will discuss what is the stock exchange. Further, we will also discuss the stock exchange in India.

What is stock exchange?

The stock exchange is in a way another name for the stock market. Stocks of all companies are listed on these stock exchanges. In order to work in the stock market, we open a Demat account. This Demat account may open with any broker. But stocks or shares will buy and sale by the stock exchange itself.

A broker of Demat has an account on the stock exchange. Further, when, we place an order through our trading account. Therefore, the broker of our trading account forwards it to the stock exchange. In other words, Broker is a link connecting us and the stock exchange. For which he takes charge from us which is in the form of brokerage.

We can’t connect directly to the stock exchange but through a broker’s Demat account. It is a system that runs all the work smoothly and correctly. Broker cannot do any kind of fraud in our Demat or trading account. Because of all the work executed on the stock exchange itself. The second broker is also tied to rules and regulations.

Stock exchanges in India

There are three stock exchanges in our country India. Stock Exchanges in India. The first one is the National Stock Exchange (NSE). The second one is the Bombay Stock Exchange (BSE). The third one is the Business Connexion Group (BCX). The third one is the newest stock exchange out of three.

Most of the work is done in NSE and BSE. The main function of the stock exchange is to list the stocks of the concern companies. That is, whatever company wants to bring its stock in the stock market. Permission need to grant by the stock exchange only.

Whatever company wants to come in the stock market. Stock Exchange will list it for further business. That is, they allow us to work in that market. That you can list your share by coming on our platform. Apart from this, people see that companies should submit their quarterly / yearly reports on the stock exchange.

What is SEBI

There is another institution on top of it. Who is going to look after everyone? Whose name is SEBI i.e. Security and Exchange Board of India? If any company wants to bring its share in the market. It has to first take approval from SEBI. It has to send all his details. What company does and what it work in? Whatever is the criterion has to complete. Further, the SEBI controls stock exchanges in India.

Whenever SEBI permits it. After that, the company brings its IPO in the market. Which will list on the stock exchange. The company gets listed on the same stock exchange inside which we work. Here I hope that you have understood about the stock exchanges in India.

Stock and Stock Future

We will talk about stock and stock futures. That is, what is the difference between stock and stock future. The shares of the company that we have talked about earlier. The company gives you whenever you buy it. That this is a small part of concern company. When you take it, you will be entitled to that much of concern company.

Let’s talk about the stock first. Stock is a small part of a company. Which has some price. If you want to buy it in any way. So you can buy directly from the trading account. The billing amount will deduct from your Demat account.

Here comes another term which is called delivery. If we buy any stock and don’t sell it on the same day. So we have to take delivery of that stock. We have nothing to do with this, that stock starts reflecting in our Demat account. Finally, that means it comes in our holding.

Let’s talk about what a stock future is. Many people want to know about it. What is written in books is in such a typical language. Today we will understand here what is Stock Future. And how do they work?

So this is a kind of futures trading.

As many people know about futures trading. They will have a little idea, for the information of those who do not know, we tell them. A stock future is the same stock that is listed. It is offered on the same but its futures are traded.

However, let me give you an example to understand futures trading easily. Like we want to buy a property. We tell the owner that I like your property very much. I want to buy this property. Here, we make a deal that the property has become mine for so much money.

By not giving full money, they give some money and make a promise that after so many days, they will get this property in their name by giving money. This is exactly what happens in stock futures. As you all know that stock prices are always up and down. It is on this up and down that profit and loss depends.

Today, the rate at which you buy stock futures. If the rate goes up, you will make a profit. On the other hand, if the rate goes down, there will be a loss. Further, there is one more thing that you cannot take one or two stocks in stock futures. Here we have to take stock according to lot. There are bulk shares in a lot. Which will determine from time to time on a review basis.

Short selling

initially, the short selling is done like stock future. Let’s understand about this also. Just by not paying full money, stock futures can be bought. Similarly, short selling of a stock can also be done by paying margin money. The rate at which you are short selling if the rate goes down. So if you go down then you will profit.

Stock futures and short selling have an expiry date. In other words, this promise is only for one month. On the expiry day, automatic and short selling ends automatically. Whatever the rate is, the amount is adjusted accordingly. Whatever has been said above to give some money. However, it is a margin of money that is later adjusted. Short selling is also done according to lot.

Here one thing is most important. In the initial days, no beginner should work in stock futures and short selling. Because there are so many ups and downs here. There is more chance of loss due to without experience. First, one should buy only a small number of cash stocks. You should sell if you get a good rate.

By the way, there is no question of buying stock right now. First, it is very important to understand the stock market.

Thank you

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top